प्रयागराज। शनिवार रात कालिंदीपुरम की एक पॉश सोसाइटी में तब हड़कंप मच गया जब मशहूर दवा कारोबारी विवेक दुआ ने घरेलू विवाद के दौरान अपने ही बेटे को गोली मार दी। वजह? एक महिला, जिसे कॉलगर्ल बताया जा रहा है, के साथ फ्लैट में रंगे हाथों पकड़े जाने पर मचा बवाल।
पूरा मामला धूमनगंज थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, कारोबारी विवेक दुआ अपने परिवार को छोड़कर बीते चार साल से अलग फ्लैट में रह रहे थे। आरोप है कि वहां वह एक महिला के साथ अक्सर देखे जाते थे। शनिवार को बेटे देवांश ने पिता को उस महिला के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ लिया और मामला तूल पकड़ गया। देखते ही देखते मां पूजा, बहन और छोटा भाई भी मौके पर पहुंच गए।
“पिता ने दिखाई हैवानियत की हद”
बेटे ने जब विरोध किया तो विवेक दुआ आपे से बाहर हो गए। पहले तो उन्होंने पत्नी और बच्चों की बेरहमी से पिटाई की, फिर लाइसेंसी पिस्टल निकालकर बेटे पर गोली चला दी। गोली देवांश के पैर में लगी और वह मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ा। महिला मौके से भाग निकली।
स्थानीय लोगों के अनुसार, गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग फ्लैट पर जमा हो गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर विवेक दुआ को गिरफ्तार कर लिया और उसकी पिस्टल व रिवॉल्वर जब्त कर ली।
पत्नी पूजा का दर्द: “उस औरत ने हमारा घर तोड़ दिया”
विवेक की पत्नी पूजा ने आरोप लगाया कि जिस महिला के कारण यह सब हुआ, वह पहले उनके ही घर में बच्चों को संभालने का काम करती थी। धीरे-धीरे पति के साथ उसके संबंध बन गए और फिर विवेक ने पूरे परिवार से मुंह मोड़ लिया। पूजा ने कहा, “वह औरत कॉलगर्ल है, लेकिन पति उसकी अंधभक्ति में इतने पागल हो गए कि अपने ही बेटे को गोली मार दी।”
पुलिस जांच जारी
पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और महिला की तलाश भी शुरू कर दी है। देवांश का अस्पताल में इलाज जारी है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
यह मामला सिर्फ घरेलू कलह नहीं, बल्कि नैतिक पतन और कानून से खिलवाड़ की एक खौफनाक मिसाल बन चुका है। अब देखना ये है कि विवेक दुआ पर कानून कितना सख्त शिकंजा कसता है।