5 मार्च 2025, इस्लामाबाद — भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराकर फाइनल में जगह बना ली, लेकिन इस जीत की गूंज पाकिस्तान में भी सुनाई दी। सोशल मीडिया से लेकर टीवी डिबेट्स तक, हर जगह भारत की जीत पर चर्चाओं का दौर चल पड़ा। जहां कुछ लोगों ने भारतीय टीम की तारीफ की, वहीं कुछ इस जीत से निराश भी नजर आए।
भारतीय टीम की सराहना
पाकिस्तानी यूट्यूबर शोएब चौधरी की एक वायरल वीडियो में आम जनता ने भारतीय टीम की जमकर तारीफ की। उन्होंने लोगों से पूछा कि चैंपियंस ट्रॉफी की असली हकदार कौन सी टीम है, तो ज्यादातर लोगों ने एक सुर में कहा — भारत!
एक बुजुर्ग ने कहा, “भारत में सिलेक्शन मेरिट पर होता है, वहां पर्ची (सिफारिश) नहीं चलती। इसलिए उनकी टीम लगातार अच्छा प्रदर्शन करती है।”

लाहौर में फाइनल न होने की निराशा
हालांकि, कुछ लोग इस बात से निराश दिखे कि भारत की जीत के चलते चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल लाहौर की बजाय दुबई में खेला जाएगा। अगर भारत फाइनल में न पहुंचता, तो फाइनल पाकिस्तान में होना तय था। इस बदलाव ने पाकिस्तानी क्रिकेट फैंस की उम्मीदों को तोड़ दिया।
सोशल मीडिया पर एक फैन ने लिखा, “हमें अपने मैदान पर फाइनल देखने का मौका मिलता, लेकिन भारत की जीत ने यह सपना तोड़ दिया।”
सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया
पाकिस्तानी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। एक ओर लोग विराट कोहली और मोहम्मद शमी के प्रदर्शन की तारीफ कर रहे थे, तो दूसरी ओर कुछ फैंस ने ऑस्ट्रेलिया की हार पर अफसोस जताया।
एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “भारत ने दिखा दिया कि वे बड़े मैचों की टीम हैं। फाइनल भी अब वही जीत सकते हैं।”
वहीं, एक अन्य यूजर ने मजाक में लिखा, “पाकिस्तानियों के हाथ से चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल स्टेडियम में देखने का सपना, कोहली के छक्के के साथ उड़ गया।”

क्रिकेट की ताकत: सरहदों के पार जुनून
भारत की इस जीत ने साबित कर दिया कि क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि जुनून है, जो सीमाओं के पार भी लोगों को जोड़ता है। चाहे तारीफ हो या नाराजगी, भारत की सेमीफाइनल जीत ने पूरे दक्षिण एशिया को एक बार फिर क्रिकेट के जादू में डुबो दिया है। अब सबकी नजरें फाइनल पर टिकी हैं — क्या भारत ट्रॉफी उठाएगा, या इतिहास कोई और मोड़ लेगा?